

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर। खूनी हाईवे में 10 दिन के अंदर तीन चालकों की मौत होने से यह साबित हो गया है कि इस हाइवे में चलना सिर में कफन बांधकर चलने के समान है।
गत 1 जनवरी को रात करीब 8 बजे उद्योग नगरी के समीप एक डंफर ऑटो को टक्कर मारकर ऑटो को दो किलोमीटर घसीट ले गया था। इस घटना में ऑटो चालक अंकित कुशवाहा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। दूसरी घटना 3 जनवरी की रात करीब 11.30 बजे की है। इसमें डंफर चालक ट्रक को टक्कर मार कर अनियंत्रित होकर डाकघर के समीप डॉक्टर वीएन सिंह के क्लीनिक में जा घुसा था। इस घटना में डंपर चालक रिंकू कुढ़ाने की दर्दनाक मौत हो गई थी। अभी यह दोनों हादसे लोगों के जेहन से उबर नहीं पाए थे। इसी बीच बीती रात हाईवे में सीमेंट फैक्ट्री के पास दो डंपरों की आमने-सामने हुई भिडंत में डंपर चालक विकास सिंह निवासी सुरौली बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। थाना क्षेत्र के अंदर दस दिन में तीन चालकों की मौत से यह साबित हो गया है कि खूनी हाईवे में चलना खतरे से खाली नहीं है और किसी भी वक्त मौत का सामना करना पड़ सकता है।